सौराहा (चितवन) । तमू प्ये ल्हु संघ चितवनई तोखोबै कार्यसमितिजी बेले छ्याँबा के लब ताँ लसुम्। नयाँ के लबै म्हीमै खबै त्हे तबै समितिल ङ्ह्याउलो ल्होरी ह्रोसैँ म्रोँ किँसिर ओल्ग्या पुर्जा योर पल् खाँब बिसिर ताइँभन्दा थेबै के लब ताँ लब हो। प्ये ल्हु संघई ल्हो कख्रेरी नाँसनैले बजारसम्म तिँतिँ चारिसिर मुई खा खु लब्दै खसुम्। तिनसम्म ८० लाखभन्दा लेँ मुई खाखु तइखाँब प्ये ल्हु संघ चितवनर्बे क्रथे विक्रम च्हम्रु तमूई बिई।
२०६० सालर् सुरु तबै समितिदे च्होगो के लबर् २२ ल्हो ल्हैदिब बिब्दे तार्बे ते ल्हो लिसुँ ह्रोसैँल तिँ तब ताइँ जी बिई। ह्रोसैँल म्रो किँब, तिँ राब अनि क्होइबो तिँ बनेब बिसिर तोखोबै कार्यसमिति मुई खाखु लबै के लब्दै खसुम्। तोखोबै समितिजी च के आच्हिँनसम्म मुई खाखु लबै के बनि आच्हिँब थेई बिई। ताइँ टिसिर ताँ लबै त्हेरी क्रथे विक्रम च्हम्रु तमूई ह्रोसैँ ल्हो ङ्ह्याउलोर् लल् खाँबै केमएल जानकारी ललो।

तमूमै खेगी गुरू चित्र तमूई प्ये ल्हु संघल के परिबर् समितिर्बे म्हीमए टिबै क्ल्ह्यो आरेबै त्हेरी तोखोबै समितिजी म्रो किँल् खाँबै ताँ बेले थेबै ताँ तब बिई। ‘च्होगो तबयार तार्बे ते ल्हो लिसुँ आउल तिँ, आउल ङिखु चारिल् आपरिब् तै,’ थिई बिई, छ तसिर तोखो के लबै म्हीमैजी बेले छ्याँबा अनि बेले थेबै के लब ङै क्होसुम्।’ तोखो के तब म्रोबरि तोखोबै समितिजी न तार् खबै के लल् परिब ताँ लई।
च्होगो तबरि बनी प्ये ल्हु संघ बिबै ताँ ङ्योल म्हीमैदे क्होमिल् आखाँब थिल ताँ मु। तार् समितिरी सुई खले बनि चु ताँरी च्योल् परिब थिई बिई। ‘खैमखैम थेबल्या के लरिबै त्हेरी च्युन्याँ के मो म्लेयाम्,’ थिई बिई, ‘तोखोई बनि छै तयाब् पार् ङ्हाँसुम्।’
नेपाल तमू विद्यार्थी छोँज धीँर्बे ओसोँबै च्युन्याँ क्रथे विमश तमूई प्ये ल्हु संघल ताँ र योजनादे क्हाईमले प्रल् खाँस्याँन चभन्दा थेब के तई आतब बिसुम् । ‘प्ये म्हस्याँ छ्या म्हमु, छ्या म्हस्याँ ल्हु म्हमु, ल्हु म्हस्याँ म्ही म्हमु’ बिबै ताँदे खैमई बिले ह्रोसैँदेप्रे थिँल खाँल् परिब थिल ताँ मु।
सौराहार टिसिर लबै ताँरी तोखोबै समितिर्बे थेब, च्युँब म्हीमैदेप्रे खेगी गुरुमै, इकाइर्बे क्रथेमै प्रे तलो । थेमेजी प्ये ल्हु संघदे खैले तमू छ्याँबै क्यार् भोबै लागि खैली के बिले लब ताँ लालो। चत्हेरी प्ये ल्हु संघल म्रो किँबै लागिर् मुई रएबै के बनि तलो।